गौरेला: पीएम आवास योजना में बड़ा घोटाला! गरीब हितग्राही के नाम पर लाखों की बंदरबांट का आरोप? बिना मकान बने निकाल दी गई किश्तें?
दूसरे खाते में पहुंची राशि, ब्लॉक कॉर्डिनेटर मनीषा लकड़ा सवालों के घेरे में।

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी गरीबों की महत्वाकांक्षी योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जनपद पंचायत गौरेला अंतर्गत ग्राम लालपुर के 70 वर्षीय हितग्राही जगदीश प्रसाद राठौर ने आरोप लगाया है कि उनके नाम पर स्वीकृत पीएम आवास की राशि में भारी गड़बड़ी कर लाखों रुपये का खेल किया गया। हितग्राही द्वारा कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत आवेदन में कहा गया है कि वर्ष 2022-23 में उनके नाम प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। पहली किश्त के रूप में 25 हजार रुपये उनके बैंक खाते में जमा हुए थे, लेकिन इसके बाद पूरा खेल शुरू हो गया।
आरोप है कि बिना हितग्राही को मौके पर खड़ा किए, किसी दूसरे मकान की फोटो जिओ टैग कर दूसरी और तीसरी किश्त के रूप में 40-40 हजार रुपये जारी दिखा दिए गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आवास पोर्टल में राशि जारी होना दिख रहा है, जबकि बैंक खाते में पैसा पहुंचा ही नहीं।इतना ही नहीं, चौथी किश्त की 15 हजार रुपये की राशि कथित तौर पर किसी दूसरे बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर कर दी गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त खाता उनका नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर गरीब हितग्राही के नाम पर पैसा किसके खाते में पहुंचा?


मामले में तत्कालीन ग्राम पंचायत लालपुर की रोजगार सहायक विमला राठौर और प्रधानमंत्री आवास योजना की ब्लॉक कोऑर्डिनेटर मनीषा लकड़ा की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फोटो अपलोड, जिओ टैगिंग और सत्यापन प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही या मिलीभगत के बिना इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव नहीं था।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच हो जाए तो प्रधानमंत्री आवास योजना में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन गरीब हितग्राही को न्याय दिलाने के लिए क्या कार्रवाई करता है या मामला सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा।










